पुस्तक हमारे भीतर के जमे हुए समुद्र के लिए कुल्हाड़ी होनी चाहिए।
पुस्तक हमारे भीतर के जमे हुए समुद्र के लिए कुल्हाड़ी होनी चाहिए।
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एक बिंदु के बाद लौटना संभव नहीं रहता। उसी बिंदु तक पहुँचना है।
मनुष्यों के बीच ऐसे जियो जैसे ईश्वर तुम्हें देख रहा हो; ईश्वर से ऐसे बोलो जैसे मनुष्य सुन रहे हों।
इस संसार की खुशियों को मैं जितना अधिक जानता हूँ, उन्हें उतना ही कम महत्व देता हूँ।
मनुष्यों में घृणा करने योग्य बातों से अधिक प्रशंसा करने योग्य बातें हैं।