रेने देकार्त

सभी अच्छी पुस्तकों को पढ़ना बीते युगों के श्रेष्ठतम मस्तिष्कों से बातचीत करने जैसा है।

रेने देकार्त, 1596–1650
सभी अच्छी पुस्तकों को पढ़ना बीते युगों के श्रेष्ठतम मस्तिष्कों से बातचीत करने जैसा है। — रेने देकार्त