सुन त्ज़ु

यदि तुम शत्रु को जानते हो और स्वयं को भी, तो तुम्हें सौ युद्धों के परिणाम से डरने की ज़रूरत नहीं।

सुन त्ज़ु
यदि तुम शत्रु को जानते हो और स्वयं को भी, तो तुम्हें सौ युद्धों के परिणाम से डरने की ज़रूरत नहीं। — सुन त्ज़ु

इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।

सभी उद्धरण