जॉन लॉक

यहाँ किसी भी मनुष्य का ज्ञान उसके अनुभव से आगे नहीं जा सकता।

जॉन लॉक, 1632–1704
यहाँ किसी भी मनुष्य का ज्ञान उसके अनुभव से आगे नहीं जा सकता। — जॉन लॉक