गेओर्ग क्रिस्टोफ़ लिख़्टेनबर्ग

ज्ञान का पहला क़दम है सबको दोष देना; अंतिम, सबसे मेल कर लेना।

गेओर्ग क्रिस्टोफ़ लिख़्टेनबर्ग, 1742–1799
ज्ञान का पहला क़दम है सबको दोष देना; अंतिम, सबसे मेल कर लेना। — गेओर्ग क्रिस्टोफ़ लिख़्टेनबर्ग

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