जो काम परसों भी उतनी ही अच्छी तरह कर सकते हो, उसे कल पर कभी मत टालो।
जो काम परसों भी उतनी ही अच्छी तरह कर सकते हो, उसे कल पर कभी मत टालो।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
नए विचार वाला मनुष्य तब तक सनकी है जब तक उसका विचार सफल नहीं हो जाता।
आदत आदत है, उसे कोई खिड़की से बाहर नहीं फेंक सकता, उसे एक-एक सीढ़ी फुसलाकर नीचे उतारना पड़ता है।
आइए, ऐसे जीने का प्रयास करें कि जब हम मरें, तो कफ़न-दफ़न करने वाला भी दुखी हो।
‘क्लासिक’: वह पुस्तक जिसकी लोग प्रशंसा करते हैं और जिसे पढ़ते नहीं।