मार्क ट्वेन

नए विचार वाला मनुष्य तब तक सनकी है जब तक उसका विचार सफल नहीं हो जाता।

मार्क ट्वेन, 1835–1910
नए विचार वाला मनुष्य तब तक सनकी है जब तक उसका विचार सफल नहीं हो जाता। — मार्क ट्वेन

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