सब कुछ बदलता है, कुछ भी नष्ट नहीं होता।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
तो फिर समय क्या है? यदि कोई मुझसे न पूछे, तो मैं जानता हूँ; यदि पूछने वाले को समझाना चाहूँ, तो नहीं जानता।
तुम एक ही नदी में दो बार नहीं उतर सकते।
तू मिट्टी है और मिट्टी में ही मिल जाएगा।
लगातार टपकती बूँदें पत्थर को भी काट देती हैं।
आज का काम कल पर मत टालो।
जल्दी का काम शैतान का।
सभी कहावतें