तुम एक ही नदी में दो बार नहीं उतर सकते।
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युद्ध सबका पिता और सबका राजा है।
प्रकृति को छिपना प्रिय है।
ऊपर का रास्ता और नीचे का रास्ता एक ही है।
चरित्र ही मनुष्य की नियति है।
तो फिर समय क्या है? यदि कोई मुझसे न पूछे, तो मैं जानता हूँ; यदि पूछने वाले को समझाना चाहूँ, तो नहीं जानता।
सब कुछ बदलता है, कुछ भी नष्ट नहीं होता।
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