लूथर स्टैंडिंग बेयर

बूढ़ा लकोटा जानता था कि प्रकृति से दूर मनुष्य का हृदय कठोर हो जाता है; वह जानता था कि बढ़ती और जीती चीज़ों के प्रति सम्मान की कमी जल्द ही मनुष्यों के प्रति भी सम्मान की कमी बन जाती है।

लूथर स्टैंडिंग बेयर, 1868–1939
बूढ़ा लकोटा जानता था कि प्रकृति से दूर मनुष्य का हृदय कठोर हो जाता है; वह जानता था कि बढ़ती और जीती चीज़ों के प्रति सम्मान की कमी जल्द ही मनुष्यों के प्रति भी सम्मान की कमी बन जाती है। — लूथर स्टैंडिंग बेयर

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