जैसे तुम्हारे सामान्य विचार होंगे, वैसा ही तुम्हारे मन का स्वभाव होगा; क्योंकि आत्मा विचारों के रंग में रंग जाती है।
जैसे तुम्हारे सामान्य विचार होंगे, वैसा ही तुम्हारे मन का स्वभाव होगा; क्योंकि आत्मा विचारों के रंग में रंग जाती है।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
तुम्हारा हर कर्म, शब्द और विचार ऐसा हो जैसे तुम इसी क्षण जीवन से विदा हो सकते हो।
किसी मनुष्य के साथ ऐसा कुछ नहीं होता जिसे सहने के लिए प्रकृति ने उसे न बनाया हो।