आर्थर शोपेनहावर

जीवन के पहले चालीस वर्ष हमें मूल पाठ देते हैं; अगले तीस उस पर टीका देते हैं।

आर्थर शोपेनहावर, 1788–1860
जीवन के पहले चालीस वर्ष हमें मूल पाठ देते हैं; अगले तीस उस पर टीका देते हैं। — आर्थर शोपेनहावर

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