जो अन्याय करता है, वह अपने ही साथ अन्याय करता है।
जो अन्याय करता है, वह अपने ही साथ अन्याय करता है।
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बदला लेने का सबसे अच्छा तरीक़ा यह है कि अन्याय करने वाले जैसे न बनो।
तुम्हारा हर कर्म, शब्द और विचार ऐसा हो जैसे तुम इसी क्षण जीवन से विदा हो सकते हो।