चार्ल्स डार्विन

जो मनुष्य समय का एक घंटा भी गँवाने का साहस करता है, उसने जीवन का मूल्य नहीं जाना।

चार्ल्स डार्विन, 1809–1882
जो मनुष्य समय का एक घंटा भी गँवाने का साहस करता है, उसने जीवन का मूल्य नहीं जाना। — चार्ल्स डार्विन

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