खड़ा भालू

मेरा हाथ आपके हाथ के रंग का नहीं है, पर अगर मैं इसे चुभोऊँ, तो ख़ून बहेगा और मुझे दर्द होगा। ख़ून का रंग आपके ख़ून जैसा ही है। ईश्वर ने मुझे बनाया है, और मैं एक मनुष्य हूँ।

खड़ा भालू, 1829–1908
मेरा हाथ आपके हाथ के रंग का नहीं है, पर अगर मैं इसे चुभोऊँ, तो ख़ून बहेगा और मुझे दर्द होगा। ख़ून का रंग आपके ख़ून जैसा ही है। ईश्वर ने मुझे बनाया है, और मैं एक मनुष्य हूँ। — खड़ा भालू

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