आशा अच्छा नाश्ता है, पर बुरा रात का भोजन।
आशा अच्छा नाश्ता है, पर बुरा रात का भोजन।
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आत्म-सम्मान: यह निश्चिंत भावना कि अभी तक किसी को शक नहीं हुआ।
यह मानना कठिन है कि कोई मनुष्य सच बोल रहा है, जब तुम जानते हो कि उसकी जगह तुम झूठ बोलते।
अंतरात्मा: वह भीतरी आवाज़ जो हमें चेताती है कि शायद कोई देख रहा हो।