सामान्य बुद्धि इतनी सामान्य नहीं होती।
सामान्य बुद्धि इतनी सामान्य नहीं होती।
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काम हमसे तीन बड़ी बुराइयाँ दूर रखता है: ऊब, दुराचार और अभाव।
आत्म-सम्मान: यह निश्चिंत भावना कि अभी तक किसी को शक नहीं हुआ।
यह मानना कठिन है कि कोई मनुष्य सच बोल रहा है, जब तुम जानते हो कि उसकी जगह तुम झूठ बोलते।