वोल्तेयर

संदेह कोई सुखद अवस्था नहीं है, पर निश्चितता हास्यास्पद है।

वोल्तेयर, 1694–1778
संदेह कोई सुखद अवस्था नहीं है, पर निश्चितता हास्यास्पद है। — वोल्तेयर