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उद्धरण
दुनिया बदलने वालों के शब्द: विचारक, वैज्ञानिक, लेखक और राजनेता।
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साहस
किसी मनुष्य के साथ ऐसा कुछ नहीं होता जिसे सहने के लिए प्रकृति ने उसे न बनाया हो।
यदि तुम आगे बढ़ना चाहते हो, तो दूसरों की नज़र में मूर्ख समझे जाने से संतुष्ट रहो।
यदि तुम जो करते हो वह सही है, तो उनसे क्यों डरते हो जो तुम्हें ग़लत ढंग से दोष देंगे?
यदि तुम्हारे सामने परिश्रम आए, तो तुम्हें सहनशक्ति मिल जाएगी।
रोग शरीर की बाधा है, पर इच्छा की नहीं, जब तक इच्छा स्वयं ऐसा न चाहे।
तुम अजेय हो सकते हो, यदि ऐसी किसी प्रतियोगिता में न उतरो जिसमें जीतना तुम्हारे वश में न हो।
हम न्यायपूर्ण कर्म करके न्यायी बनते हैं, संयमित कर्म करके संयमी और साहसी कर्म करके साहसी।
जिसने भी कभी नया स्वर्ग बनाया है, उसने उसकी शक्ति केवल अपने ही नरक में पाई है।