और हर आरंभ में एक जादू बसता है।
और हर आरंभ में एक जादू बसता है।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
अभी को, यहाँ को थामे रहो, जिनसे होकर सारा भविष्य अतीत में उतर जाता है।
जीवन के पहले चालीस वर्ष हमें मूल पाठ देते हैं; अगले तीस उस पर टीका देते हैं।
तुम्हारा हर कर्म, शब्द और विचार ऐसा हो जैसे तुम इसी क्षण जीवन से विदा हो सकते हो।