पक्षी लड़कर अंडे से बाहर आता है। अंडा दुनिया है। जो जन्म लेना चाहता है, उसे पहले एक दुनिया को नष्ट करना होगा।
पक्षी लड़कर अंडे से बाहर आता है। अंडा दुनिया है। जो जन्म लेना चाहता है, उसे पहले एक दुनिया को नष्ट करना होगा।
इसी लेखक के और इनसे जुड़े विषयों पर।
शीत के बीच मैंने आख़िरकार जाना कि मेरे भीतर एक अजेय ग्रीष्म है।
कठिनाइयों पर विजय पाना अस्तित्व के पूरे आनंद का अनुभव करना है।
किसी मनुष्य के साथ ऐसा कुछ नहीं होता जिसे सहने के लिए प्रकृति ने उसे न बनाया हो।