ब्रानिस्लाव नुशिच

मैंने अपनी आत्मकथा विवाह पर समाप्त की, क्योंकि मैंने पाया कि विवाह के बाद मनुष्य की कोई आत्मकथा नहीं होती।

ब्रानिस्लाव नुशिच, 1864–1938
मैंने अपनी आत्मकथा विवाह पर समाप्त की, क्योंकि मैंने पाया कि विवाह के बाद मनुष्य की कोई आत्मकथा नहीं होती। — ब्रानिस्लाव नुशिच

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