ब्रानिस्लाव नुशिच

यद्यपि मृत्यु हर मनुष्य के जीवन का एकमात्र और सबसे निश्चित तथ्य है, आत्मकथा लिखने वाला हर व्यक्ति प्रायः इसी तथ्य से आरंभ करने से बचता है।

ब्रानिस्लाव नुशिच, 1864–1938
यद्यपि मृत्यु हर मनुष्य के जीवन का एकमात्र और सबसे निश्चित तथ्य है, आत्मकथा लिखने वाला हर व्यक्ति प्रायः इसी तथ्य से आरंभ करने से बचता है। — ब्रानिस्लाव नुशिच

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