तिन उयेविच

पर एकांत में उनका मस्तक अँधेरी भीड़ से ऊपर सीधा और निर्मल रहता है।

तिन उयेविच, 1891–1955
पर एकांत में उनका मस्तक अँधेरी भीड़ से ऊपर सीधा और निर्मल रहता है। — तिन उयेविच

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