पर एकांत में उनका मस्तक अँधेरी भीड़ से ऊपर सीधा और निर्मल रहता है।
पर एकांत में उनका मस्तक अँधेरी भीड़ से ऊपर सीधा और निर्मल रहता है।
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घमंड मत करो! तुम्हारे विचार केवल तुम्हारे नहीं हैं! वे दूसरों में जीते हैं।
शीत के बीच मैंने आख़िरकार जाना कि मेरे भीतर एक अजेय ग्रीष्म है।
कठिनाइयों पर विजय पाना अस्तित्व के पूरे आनंद का अनुभव करना है।
किसी मनुष्य के साथ ऐसा कुछ नहीं होता जिसे सहने के लिए प्रकृति ने उसे न बनाया हो।