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दुनिया बदलने वालों के शब्द: विचारक, वैज्ञानिक, लेखक और राजनेता।
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जो स्वतंत्र होना चाहता है, वह ऐसी किसी चीज़ की न इच्छा करे न उससे बचे जो दूसरों पर निर्भर है।
यदि तुम्हारे सामने परिश्रम आए, तो तुम्हें सहनशक्ति मिल जाएगी।
रोग शरीर की बाधा है, पर इच्छा की नहीं, जब तक इच्छा स्वयं ऐसा न चाहे।
तुरंत अपने लिए एक चरित्र और एक रूप तय कर लो, जिसका पालन तुम अकेले में भी करो और लोगों के बीच भी।
जब कोई तुम्हें चिढ़ाए, तो जान लो कि तुम्हें चिढ़ाने वाली तुम्हारी अपनी धारणा है।
तुम्हारा कर्तव्य है कि तुम्हें दी गई भूमिका को अच्छी तरह निभाओ; भूमिका चुनना किसी और का काम है।
तुम अजेय हो सकते हो, यदि ऐसी किसी प्रतियोगिता में न उतरो जिसमें जीतना तुम्हारे वश में न हो।
जो लोग सही ढंग से दर्शन का अभ्यास करते हैं, वे मरने का अभ्यास कर रहे होते हैं।