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दुनिया बदलने वालों के शब्द: विचारक, वैज्ञानिक, लेखक और राजनेता।
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मित्रों के बिना कोई जीना नहीं चुनेगा, चाहे उसके पास बाक़ी सब सुख हों।
हम न्यायपूर्ण कर्म करके न्यायी बनते हैं, संयमित कर्म करके संयमी और साहसी कर्म करके साहसी।
जिसने भी कभी नया स्वर्ग बनाया है, उसने उसकी शक्ति केवल अपने ही नरक में पाई है।
गंदी धारा को बिना मैला हुए अपने में समा लेने के लिए मनुष्य को समुद्र होना चाहिए।
प्रेम में हमेशा कुछ पागलपन होता है। पर पागलपन में भी हमेशा कुछ तर्क होता है।
मनुष्य पशु और अतिमानव के बीच बँधी एक रस्सी है — एक खाई के ऊपर की रस्सी।
नाचते हुए तारे को जन्म देने के लिए मनुष्य के भीतर अब भी अराजकता होनी चाहिए।