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दुनिया बदलने वालों के शब्द: विचारक, वैज्ञानिक, लेखक और राजनेता।

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नैतिकता और ज्ञान का प्रकाश हमारी पहली ज़रूरतें हैं।

सिमोन बोलिवार, 1783–1830

जिन्होंने क्रांति की सेवा की, उन्होंने समुद्र में हल चलाया।

सिमोन बोलिवार, 1783–1830

हारी हुई लड़ाई के सिवा कुछ भी जीती हुई लड़ाई से आधा भी उदास नहीं होता।

आर्थर वेलेज़ली, वेलिंगटन के ड्यूक, 1769–1852

सैनिको, इन पिरामिडों की चोटी से चालीस सदियाँ तुम्हें देख रही हैं।

नेपोलियन बोनापार्ट, 1769–1821

उदात्त से हास्यास्पद तक केवल एक क़दम है।

नेपोलियन बोनापार्ट, 1769–1821

असंभव फ़्रांसीसी शब्द नहीं है।

नेपोलियन बोनापार्ट, 1769–1821

मैं चाहता हूँ कि सैं-दोमिंग में स्वतंत्रता और समानता का राज हो।

तूसां लूवर्तूर, 1743–1803

मुझे गिराकर तुमने सैं-दोमिंग में केवल स्वतंत्रता के वृक्ष का तना काटा है; वह अपनी जड़ों से फिर उग आएगा, क्योंकि वे गहरी और अनेक हैं।

तूसां लूवर्तूर, 1743–1803

रक्त बहाने और उसकी आदत डालने से बचो, क्योंकि रक्त कभी सोता नहीं।

सलाहुद्दीन, 1137–1193

मैं तभी बोलना शुरू करता हूँ जब मुझे विश्वास हो कि जो मैं कहूँगा वह न कहना बेहतर नहीं है।

कनिष्ठ केटो, 95–46 ई.पू.

मधुर है, जब महासागर पर हवाएँ पानी को मथ रही हों, तट से किसी दूसरे का महान संघर्ष देखना।

ल्यूक्रेटियस, 99–55 ई.पू.

शून्य से कुछ भी उत्पन्न नहीं हो सकता।

ल्यूक्रेटियस, 99–55 ई.पू.

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