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दुनिया बदलने वालों के शब्द: विचारक, वैज्ञानिक, लेखक और राजनेता।

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सब ठीक हो तो अच्छा होना आसान है; वीरों की पहचान तो संकट में होती है!

पेटर द्वितीय पेट्रोविच न्येगोश, 1813–1851

जिसके बारे में बोला नहीं जा सकता, उसके बारे में चुप रहना चाहिए।

लुडविग विट्गेन्स्टाइन, 1889–1951

मेरी भाषा की सीमाएँ मेरे संसार की सीमाएँ हैं।

लुडविग विट्गेन्स्टाइन, 1889–1951

जो तर्कसंगत है वह वास्तविक है, और जो वास्तविक है वह तर्कसंगत है।

गेओर्ग विल्हेम फ़्रीड्रिख़ हेगेल, 1770–1831

मिनर्वा का उल्लू केवल संध्या ढलने पर ही अपने पंख फैलाता है।

गेओर्ग विल्हेम फ़्रीड्रिख़ हेगेल, 1770–1831

सौंदर्य वस्तुओं का अपना गुण नहीं है: वह केवल उन्हें निहारने वाले मन में होता है।

डेविड ह्यूम, 1711–1776

तर्क वासनाओं का दास है और उसे केवल दास ही होना चाहिए, और वह उनकी सेवा और आज्ञापालन के सिवा किसी और काम का दावा नहीं कर सकता।

डेविड ह्यूम, 1711–1776

जहाँ क़ानून नहीं, वहाँ स्वतंत्रता नहीं।

जॉन लॉक, 1632–1704

यहाँ किसी भी मनुष्य का ज्ञान उसके अनुभव से आगे नहीं जा सकता।

जॉन लॉक, 1632–1704

मेरी धूप से हट जाओ।

डायोजनीज़, 412–323 ई.पू.

मैं विश्व का नागरिक हूँ।

डायोजनीज़, 412–323 ई.पू.

बूढ़ा लकोटा जानता था कि प्रकृति से दूर मनुष्य का हृदय कठोर हो जाता है; वह जानता था कि बढ़ती और जीती चीज़ों के प्रति सम्मान की कमी जल्द ही मनुष्यों के प्रति भी सम्मान की कमी बन जाती है।

लूथर स्टैंडिंग बेयर, 1868–1939

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