संग्रह
उद्धरण
दुनिया बदलने वालों के शब्द: विचारक, वैज्ञानिक, लेखक और राजनेता।
432 उद्धरण
जीवन
जो स्वतंत्र होना चाहता है, वह ऐसी किसी चीज़ की न इच्छा करे न उससे बचे जो दूसरों पर निर्भर है।
रोग शरीर की बाधा है, पर इच्छा की नहीं, जब तक इच्छा स्वयं ऐसा न चाहे।
तुरंत अपने लिए एक चरित्र और एक रूप तय कर लो, जिसका पालन तुम अकेले में भी करो और लोगों के बीच भी।
तुम्हारा कर्तव्य है कि तुम्हें दी गई भूमिका को अच्छी तरह निभाओ; भूमिका चुनना किसी और का काम है।
जो लोग सही ढंग से दर्शन का अभ्यास करते हैं, वे मरने का अभ्यास कर रहे होते हैं।
मृत्यु का भय ज्ञान के दिखावे के सिवा कुछ नहीं है, क्योंकि यह वह जानने का भ्रम है जो हम नहीं जानते।
मित्रों के बिना कोई जीना नहीं चुनेगा, चाहे उसके पास बाक़ी सब सुख हों।