संग्रह
उद्धरण
दुनिया बदलने वालों के शब्द: विचारक, वैज्ञानिक, लेखक और राजनेता।
432 उद्धरण
जीवन
इस दुनिया में वह कोई व्यर्थ नहीं जो दूसरे का बोझ हल्का करता है।
मधुर है, जब महासागर पर हवाएँ पानी को मथ रही हों, तट से किसी दूसरे का महान संघर्ष देखना।
एक बिंदु के बाद लौटना संभव नहीं रहता। उसी बिंदु तक पहुँचना है।
पुस्तक हमारे भीतर के जमे हुए समुद्र के लिए कुल्हाड़ी होनी चाहिए।
जीवन को केवल पीछे देखकर समझा जा सकता है, लेकिन उसे आगे की ओर ही जीना पड़ता है।
सुखी जीवन के लिए बहुत कम चाहिए; सब कुछ तुम्हारे भीतर है, तुम्हारे सोचने के ढंग में।
क्रीटो, हम पर एस्क्लेपियस का एक मुर्ग़ा बकाया है। उसे चुका देना और भूलना मत।