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उद्धरण
दुनिया बदलने वालों के शब्द: विचारक, वैज्ञानिक, लेखक और राजनेता।
432 उद्धरण
काम
मैं कभी उतना कम ख़ाली नहीं होता जितना ख़ाली समय में, न उतना कम अकेला जितना अकेले में।
पहले अपने आप से कहो कि तुम क्या बनना चाहते हो; फिर वह करो जो तुम्हें करना है।
क्या सीखना और समय आने पर सीखे हुए का अभ्यास करना आनंद की बात नहीं है?
जो हो चुका है, उस पर कभी ध्यान नहीं जाता; दिखता केवल वही है जो अभी करना बाक़ी है।