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दुनिया बदलने वालों के शब्द: विचारक, वैज्ञानिक, लेखक और राजनेता।
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वहाँ आगे बढ़ो जहाँ तुम्हें कोई रोक न सके; वहाँ पीछे हटो जहाँ तुम्हें कोई पकड़ न सके।
अच्छी सेना पहले स्वयं को अजेय बनाती है, फिर उस क्षण की प्रतीक्षा करती है जब शत्रु को हराया जा सके।
अपने को हार से बचाना हमारे हाथ में है, पर शत्रु को हराने का अवसर स्वयं शत्रु देता है।