संग्रह
लोक-ज्ञान, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है।
65 कहावतें
जैसा बाप, वैसा बेटा।
जो होता है, अच्छे के लिए होता है।
जैसे आया, वैसे गया।
बाप पर पूत, पिता पर घोड़ा, बहुत नहीं तो थोड़ा-थोड़ा।