संग्रह
लोक-ज्ञान, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है।
65 कहावतें
वही जीतता है जो स्वयं को जीतता है।
डूबते को तिनके का सहारा।
जहाँ चाह, वहाँ राह।
भाग्य साहसी का साथ देता है।