संग्रह
लोक-ज्ञान, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है।
65 कहावतें
न्याय हो, चाहे आकाश ही क्यों न गिर पड़े।
तुम में जो निष्पाप हो, वही पहले उसको पत्थर मारे।
दोष मत लगाओ कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए।
बुराई से न हारो, परन्तु भलाई से बुराई को जीत लो।
जैसा बोओगे, वैसा काटोगे।
झूठ के पाँव नहीं होते।