संग्रह
लोक-ज्ञान, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है।
65 कहावतें
झूठे की स्मृति अच्छी होनी चाहिए।
तुम में जो निष्पाप हो, वही पहले उसको पत्थर मारे।
दोष मत लगाओ कि तुम पर भी दोष न लगाया जाए।
बुराई से न हारो, परन्तु भलाई से बुराई को जीत लो।
जो अपने मुँह की चौकसी करता है, वह अपने प्राण की रक्षा करता है।
विनाश से पहले गर्व, और ठोकर खाने से पहले घमण्ड आता है।
बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चाहने योग्य है।
सद्गुण कर्म में प्रकट होता है।
वही जीतता है जो स्वयं को जीतता है।
दोहराना ज्ञान की जननी है।
यदि शांति चाहते हो, तो युद्ध की तैयारी करो।
मदिरा में सत्य है।