संग्रह
सूक्तियाँ
छोटे और तीखे विचार, जो एक ही वाक्य में सब कुछ कह देते हैं।
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प्रेम
आवेग अक्सर सबसे चतुर मनुष्य को मूर्ख बना देता है, और अक्सर सबसे मूर्ख को चतुर।
हमारे पास घृणा करने भर का धर्म है, पर एक-दूसरे से प्रेम करने भर का नहीं।
विवाह: एक समुदाय की वह दशा जिसमें एक स्वामी, एक स्वामिनी और दो दास होते हैं, कुल मिलाकर दो।
सुंदरता: वह शक्ति जिससे स्त्री प्रेमी को मोहित करती है और पति को भयभीत।
स्वयं से प्रेम करना जीवन भर चलने वाले प्रेम-प्रसंग की शुरुआत है।