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सूक्तियाँ

छोटे और तीखे विचार, जो एक ही वाक्य में सब कुछ कह देते हैं।

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जीवन

आइए, ऐसे जीने का प्रयास करें कि जब हम मरें, तो कफ़न-दफ़न करने वाला भी दुखी हो।

मार्क ट्वेन, 1835–1910

जीवन छोटा है, कला लंबी, अवसर क्षणिक, प्रयोग जोखिम भरा, निर्णय कठिन।

हिप्पोक्रेटीज़, 460–370 ई.पू.

जब तक हम टालते रहते हैं, जीवन तेज़ी से निकल जाता है।

सेनेका, 4 ई.पू.–65 ई.

यदि आप अपने बच्चों की सारी समस्याएँ हल कर देंगे, तो उनके पास आपके सिवा कोई समस्या नहीं बचेगी।

दुश्को रादोविच, 1922–1984

जीवन पीड़ा और ऊब के बीच एक लोलक की तरह आगे-पीछे झूलता रहता है।

आर्थर शोपेनहावर, 1788–1860

जिसके पास जीने का कोई क्यों है, वह लगभग हर कैसे को सह सकता है।

फ़्रेडरिक नीत्शे, 1844–1900

इस दुनिया में मृत्यु और करों के सिवा कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता।

बेंजामिन फ़्रैंकलिन, 1706–1790

हम कभी उतने सुखी या दुखी नहीं होते जितना कल्पना करते हैं।

फ़्रांस्वा द ला रोशफ़ूको, 1613–1680

दुनिया में केवल एक चीज़ चर्चा में होने से बुरी है, और वह है चर्चा में न होना।

ऑस्कर वाइल्ड, 1854–1900

जिसे आज सुबह बेलग्रेड में जागने का सौभाग्य मिला, वह मान सकता है कि आज के लिए उसने जीवन में काफ़ी कुछ पा लिया।

दुश्को रादोविच, 1922–1984

संगीत के बिना जीवन एक भूल होता।

फ़्रेडरिक नीत्शे, 1844–1900

मानवता की सारी समस्याएँ मनुष्य की इस अक्षमता से जन्म लेती हैं कि वह एक कमरे में अकेला चुपचाप नहीं बैठ सकता।

ब्लेज़ पास्कल, 1623–1662

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