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सूक्तियाँ
छोटे और तीखे विचार, जो एक ही वाक्य में सब कुछ कह देते हैं।
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जीवन
आइए, ऐसे जीने का प्रयास करें कि जब हम मरें, तो कफ़न-दफ़न करने वाला भी दुखी हो।
जीवन छोटा है, कला लंबी, अवसर क्षणिक, प्रयोग जोखिम भरा, निर्णय कठिन।
यदि आप अपने बच्चों की सारी समस्याएँ हल कर देंगे, तो उनके पास आपके सिवा कोई समस्या नहीं बचेगी।
जीवन पीड़ा और ऊब के बीच एक लोलक की तरह आगे-पीछे झूलता रहता है।
जिसके पास जीने का कोई क्यों है, वह लगभग हर कैसे को सह सकता है।
इस दुनिया में मृत्यु और करों के सिवा कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता।
दुनिया में केवल एक चीज़ चर्चा में होने से बुरी है, और वह है चर्चा में न होना।