संग्रह
सूक्तियाँ
छोटे और तीखे विचार, जो एक ही वाक्य में सब कुछ कह देते हैं।
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बुद्धिमत्ता
आवेग अक्सर सबसे चतुर मनुष्य को मूर्ख बना देता है, और अक्सर सबसे मूर्ख को चतुर।
यदि दुनिया हमारे सबसे अच्छे कर्मों के पीछे के सारे उद्देश्य देख ले, तो हमें अक्सर उन पर लज्जा आएगी।
तर्क किसी मनुष्य से वह ग़लत राय नहीं छुड़वा सकता, जो उसने तर्क से पाई ही नहीं।
मुझे लोगों को दुष्ट देखकर कभी आश्चर्य नहीं होता, पर उन्हें लज्जित न देखकर अक्सर होता है।
व्यंग्य एक प्रकार का दर्पण है जिसमें देखने वाले प्रायः अपने सिवा सबका चेहरा देखते हैं।
सलाह लेना: पहले से तय किए गए रास्ते पर किसी और की असहमति ढूँढ़ना।