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सूक्तियाँ

छोटे और तीखे विचार, जो एक ही वाक्य में सब कुछ कह देते हैं।

128 सूक्तियाँ

हास्य

सलाह लेना: पहले से तय किए गए रास्ते पर किसी और की असहमति ढूँढ़ना।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

रूढ़िवादी: मौजूदा बुराइयों पर मोहित राजनेता।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

राजनेता: उस बुनियादी कीचड़ की एक ईल मछली जिस पर संगठित समाज का ढाँचा खड़ा है।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

वकील: क़ानून से बच निकलने में निपुण व्यक्ति।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

शिष्टता: सबसे स्वीकार्य पाखंड।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

युद्ध: उस राजनीतिक गाँठ को दाँतों से खोलने का तरीक़ा जो जीभ से नहीं खुली।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

किफ़ायत: उस व्हिस्की के पीपे को ख़रीदना जिसकी तुम्हें ज़रूरत नहीं, उस गाय की क़ीमत पर जिसे तुम ख़रीद नहीं सकते।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

पीठ पीछे बुराई: किसी आदमी के बारे में वैसा कहना जैसा तुम उसे पाते हो, जब वह तुम्हें नहीं पा सकता।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

सुंदरता: वह शक्ति जिससे स्त्री प्रेमी को मोहित करती है और पति को भयभीत।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

अहंकारी: घटिया रुचि वाला व्यक्ति, जिसे मुझसे ज़्यादा अपने में दिलचस्पी है।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

शिक्षा: वह जो बुद्धिमानों के सामने उनकी समझ की कमी खोल देती है और मूर्खों से छिपा लेती है।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

मतदाता: वह व्यक्ति जिसे किसी और के चुने हुए आदमी को वोट देने का पवित्र अधिकार प्राप्त है।

एम्ब्रोस बियर्स, 1842–1914

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