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छोटे और तीखे विचार, जो एक ही वाक्य में सब कुछ कह देते हैं।
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यदि दुनिया हमारे सबसे अच्छे कर्मों के पीछे के सारे उद्देश्य देख ले, तो हमें अक्सर उन पर लज्जा आएगी।
तर्क किसी मनुष्य से वह ग़लत राय नहीं छुड़वा सकता, जो उसने तर्क से पाई ही नहीं।
हमारे पास घृणा करने भर का धर्म है, पर एक-दूसरे से प्रेम करने भर का नहीं।
मुझे लोगों को दुष्ट देखकर कभी आश्चर्य नहीं होता, पर उन्हें लज्जित न देखकर अक्सर होता है।
व्यंग्य एक प्रकार का दर्पण है जिसमें देखने वाले प्रायः अपने सिवा सबका चेहरा देखते हैं।